कई अभ्यर्थी मॉक टेस्ट तो दे लेते हैं, लेकिन स्कोर को सही तरीके से पढ़ना नहीं जानते। सिर्फ कुल नंबर देखना काफी नहीं है — यह जानना ज़्यादा ज़रूरी है कि कौन-से खंड में नंबर कट रहे हैं और क्यों।
उदाहरण के लिए, अगर एमपी जीके में बार-बार जिले, नदियाँ या बाँधों के सवाल गलत हो रहे हैं, तो उसी हिस्से की छोटी सूची बनाकर रोज़ दोहराएँ। रीजनिंग में गलती हो तो सीरीज़ और कोडिंग के पैटर्न अलग से अभ्यास करें। विज्ञान में विटामिन, मानव शरीर और बुनियादी भौतिकी के तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं।
इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती, इसलिए हर प्रश्न का जवाब देने की कोशिश करें। अंदाज़े से भी छोड़े गए प्रश्न का कोई नुकसान नहीं, लेकिन बिना सोचे-समझे टिक करना भी आदत न बनाएँ — पहले विकल्पों को छाँटना सीखें।
अपना अगला अभ्यास इस फ्री सेट से करें: 100 प्रश्नों वाला MP Police Mock Test। टेस्ट के बाद उत्तर कुंजी से मिलान करें, गलत प्रश्नों की सूची बनाएँ और अगले दिन उन्हीं टॉपिक से शुरुआत करें।
स्कोर धीरे-धीरे बढ़ता है, बशर्ते हर टेस्ट के बाद रिवीजन हो। एक टेस्ट, एक गलती-सूची और एक छोटा दोहराव — यही चक्र तैयारी को मज़बूत बनाता है।