मध्य प्रदेश के जिलों की तैयारी में सबसे बड़ी गलती यह होती है कि छात्र पूरी सूची एक ही बार में रटने की कोशिश करते हैं। बेहतर तरीका यह है कि पहले यह समझें कि कौन-सा जिला किस संभाग में आता है, फिर उसके साथ जुड़ा कोई एक खास तथ्य याद करें — जैसे कोई प्रसिद्ध मंदिर, नदी, राष्ट्रीय उद्यान या ऐतिहासिक स्थल।
उदाहरण के तौर पर, रायसेन में सांची और भीमबेटका हैं, छतरपुर में खजुराहो है, उज्जैन में महाकालेश्वर है और श्योपुर में कूनो है। जब तथ्य किसी जगह से जुड़ जाता है, तो जिले का नाम लंबे समय तक याद रहता है। इसी तरह निवाड़ी को सबसे छोटा जिला और छिंदवाड़ा को क्षेत्रफल में सबसे बड़ा जिला के रूप में अलग से याद रखना आसान होता है।
रिवीजन के अंत में हमेशा कुछ सवाल खुद से पूछें और उत्तर लिखकर देखें। गलत उत्तरों को अलग कॉपी में नोट करें और अगले दिन उन्हीं पर दोबारा ध्यान दें। यही छोटा अभ्यास परीक्षा के दिन आत्मविश्वास बढ़ाता है।
55 जिलों के तथ्य, संभागवार सूची और 30 अभ्यास प्रश्नों के लिए यह उपयोगी पेज देखें: MP के 55 जिलों की GK।