कई छात्र सुबह से किताब खोलकर बैठते हैं, फिर भी शाम तक लगता है कि कुछ खास पढ़ा ही नहीं। इसका कारण अक्सर यह होता है कि पढ़ाई के बीच फोन, बिना तय किए हुए विषय और लंबे-लंबे सत्र ध्यान तोड़ देते हैं। एक विषय को 40-50 मिनट तक पढ़ें, फिर छोटा ब्रेक लें, और शाम को अगले दिन का छोटा-सा प्लान लिख लें। धीरे-धीरे यही आदत समय को संभाल लेती है।
इस विषय पर विस्तार से पढ़ने के लिए यह लेख उपयोगी रहेगा: समय बचाने के व्यावहारिक टिप्स — इसमें सुबह की शुरुआत, फोन से दूरी और रिवीज़न का संतुलित तरीका समझाया गया है।